
छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ चुकी है। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB/CG Vyapam) ने सरकारी स्कूलों के अंतर्गत ई (E) और टी (T) संवर्ग में CG Sahayak Shikshak Vacancy 2026 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस ऐतिहासिक भर्ती अभियान के तहत सहायक शिक्षक के कुल 2,292 पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है।
यदि आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है परीक्षा के विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) और परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern) को गहराई से समझना। इस लेख में हम आपके लिए CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026, CGSSB Assistant Teacher Syllabus 2026, CGSSB Sahayak Shikshak Syllabus 2026 और CG Assistant Teacher Syllabus 2026 का पूरा विश्लेषण अत्यंत सरल और आसान भाषा में लेकर आए हैं। इस ब्लॉग पोस्ट को अंत तक पढ़ें ताकि आपकी तैयारी का रोडमैप बिल्कुल स्पष्ट हो सके और आप परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त कर सकें।
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026
Table of Contents
CG Sahayak Shikshak Vacancy 2026: Highlightes
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| विभाग का नाम | छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग (DPI) |
| परीक्षा नियंत्रक प्राधिकरण | छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) |
| पद का नाम | सहायक शिक्षक (Assistant Teacher – E & T Cadre) |
| कुल रिक्तियों की संख्या | 2,292 पद |
| आवेदन की प्रारंभिक तिथि | 24 जुलाई 2026 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | 21 अगस्त 2026 |
| त्रुटि सुधार की अवधि | 22 से 24 अगस्त 2026 |
| प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी होने की तिथि | 5 अक्टूबर 2026 (संभावित) |
| परीक्षा की संभावित तिथि | 11 अक्टूबर 2026 |
| आधिकारिक वेबसाइट | vyapamcg.cgstate.gov.in |
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता (Eligibility Criteria)
1. आयु सीमा (Age Limit) – 01 जनवरी 2026 को:
- न्यूनतम आयु: अभ्यर्थी ने 21 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो।
- अधिकतम आयु: सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आयु सीमा में छूट:
- छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC – गैर क्रीमीलेयर) के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।
- छत्तीसगढ़ की महिला अभ्यर्थियों को विशेष उपबंधों के तहत उच्चतर आयु सीमा में 10 वर्ष तक की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
- दिव्यांगजन अभ्यर्थियों को भी सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार छूट दी जाएगी।
- सभी प्रकार की छूटों को मिलाकर शासकीय सेवा में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।
2. न्यूनतम शैक्षणिक अर्हताएं (Educational Qualification):
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: सहायक शिक्षक के पद पर आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों के पास निम्नलिखित योग्यताओं में से कोई एक होनी चाहिए:
- न्यूनतम 50% अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक (12वीं या इसके समकक्ष) उत्तीर्ण और प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा (D.Ed / D.El.Ed / BTC)।
- न्यूनतम 45% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) विनियम, 2002 के तहत प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा।
- न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण और प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र (B.El.Ed.) में 4 वर्षीय स्नातक उपाधि।
- न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण और विशेष शिक्षाशास्त्र (Special Education) में द्विवर्षीय डिप्लोमा।
- स्नातक डिग्री (Graduation) के साथ प्रारंभिक शिक्षाशास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा।
- इसके साथ ही, अभ्यर्थी के पास राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार आयोजित प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) का शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET – CTET या CGTET) उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
परीक्षा शुल्क एवं शुल्क वापसी नियम (Application Fee & Refund Policy)
CG Recruitment 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्थानीय अभ्यर्थियों के हित में एक विशेष शुल्क वापसी (Fee Refund) योजना भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत पात्र उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने के बाद उनका परीक्षा शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: आवेदन शुल्क (Application Fee)
| उम्मीदवार की श्रेणी | आवेदन शुल्क |
|---|---|
| सामान्य (General) | ₹350 |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | ₹250 |
| अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / दिव्यांग (SC/ST/PwD) | ₹200 |
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: शुल्क वापसी योजना (Fee Refund Policy)
छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के प्रचलित नियमों के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क वापसी का विशेष प्रावधान किया गया है।
यदि कोई स्थानीय अभ्यर्थी—
- परीक्षा में उपस्थित (Present) होता है, तथा
- निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करता है,
तो परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसके द्वारा जमा किया गया पूरा परीक्षा शुल्क (Application Fee) उसी बैंक खाते में वापस (Refund) कर दिया जाएगा, जिससे आवेदन शुल्क का भुगतान किया गया था।
महत्वपूर्ण: शुल्क वापसी का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करते समय अपने स्वयं के बैंक खाते अथवा सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान माध्यम का ही उपयोग करें।
महत्वपूर्ण निर्देश
- आवेदन शुल्क का भुगतान केवल निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से करें।
- परीक्षा शुल्क वापसी का लाभ केवल छत्तीसगढ़ के पात्र स्थानीय निवासियों को मिलेगा।
- शुल्क वापसी केवल परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों को ही प्रदान की जाएगी।
- रिफंड की राशि उसी बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे आवेदन शुल्क का भुगतान किया गया था।
CG Assistant Teacher Exam Pattern 2026 (परीक्षा पैटर्न और अंक विभाजन)
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 के अनुसार परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन/ऑनलाइन मोड में वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रकार के प्रश्नों के माध्यम से किया जाएगा। प्रश्न पत्र कुल 100 अंकों का होगा। परीक्षा को तीन मुख्य भागों (भाग अ, भाग ब, और भाग स) में विभाजित किया गया है।
आइये नीचे दी गई विस्तृत तालिका के माध्यम से अंकों के विभाजन को समझते हैं:
| भाग (Part) | विषय (Subjects) | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक (Total Marks) |
|---|---|---|---|
| भाग – अ | 1. हिन्दी भाषा (Hindi Language) | 15 | 15 अंक |
| 2. अंग्रेजी भाषा (English Language) | 10 | 10 अंक | |
| 3. गणित (Mathematics) | 15 | 15 अंक | |
| 4. पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) | 10 | 10 अंक | |
| भाग – ब | 5. बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (CDP) | 15 | 15 अंक |
| भाग – स | 6. सामान्य मानसिक योग्यता (Reasoning) | 15 | 15 अंक |
| 7. कम्प्यूटर शिक्षा (Computer Education) | 05 | 05 अंक | |
| 8. सामान्य ज्ञान (General Knowledge) | 15 | 15 अंक | |
| योग | सभी विषय | 100 | 100 अंक |
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: विषय-वार विस्तृत पाठ्यक्रम
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: अब हम परीक्षा के प्रत्येक विषय के विस्तृत सिलेबस को अत्यंत बारीकी से समझेंगे ताकि आपको यह पता रहे कि किस विषय में क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है।
1. हिन्दी भाषा (Hindi Language) – कुल 15 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: हिन्दी विषय से कुल 15 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। यह खंड मुख्य रूप से व्याकरण, भाषाई कौशल और बच्चों के भाषाई विकास की प्रक्रियाओं पर केंद्रित है। इसे कुल 10 इकाइयों में विभाजित किया गया है:
- इकाई 1: वर्ण विचार
- इसके अंतर्गत स्वर, व्यंजन, अक्षर, शुद्ध वर्तनी के नियम, लिंग (पुल्लिंग व स्त्रीलिंग), वचन (एकवचन और बहुवचन), कारक और कारक चिन्ह, काल (भूतकाल, वर्तमान काल, भविष्य काल) तथा संधि के प्रकार (स्वर संधि, व्यंजन संधि, विसर्ग संधि) का गहरा अध्ययन करना होगा।
- इकाई 2: शब्द विचार
- शब्द रूप और शब्द रचना का ज्ञान। उत्पत्ति या स्रोत के आधार पर शब्दों के प्रकार जैसे तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द। अर्थ के आधार पर शब्दों के भेद जैसे पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, अनेकार्थी शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियां।
- इकाई 3: शब्द रचना
- इसके तहत उपसर्ग, प्रत्यय, समास के भेद और अनेक शब्दों या वाक्यांश के लिए एक शब्द का अध्ययन किया जाता है।
- इकाई 4: पद व पद-भेद
- संज्ञा और संज्ञा के प्रकार, कारक-चिन्ह, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के मूल सिद्धांतों की समझ।
- इकाई 5: वाक्य परिचय
- वाक्य के अंग (उद्देश्य और विधेय), वाक्य के प्रकार (सरल, संयुक्त, मिश्रित वाक्य) और वाक्यों में शब्दों का पदक्रम।
- इकाई 6: रचना
- अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्न, जिनमें मुख्य रूप से शीर्षक, केंद्रीय विचार और व्याकरण संबंधी प्रश्न शामिल होते हैं।
- इकाई 7: बच्चों की भाषाई विकास की प्रक्रिया
- भाषा विकास के महत्वपूर्ण चरण। बच्चे स्कूल आने से पहले अपने परिवेश से क्या-क्या सीख कर आते हैं? बच्चे प्राकृतिक रूप से भाषा कैसे सीखते हैं? स्कूल आने वाले बच्चों में भाषा सीखने की प्रक्रिया के स्वाभाविक गुण और बच्चों की भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता का वैज्ञानिक विश्लेषण।
- इकाई 8: बच्चों में भाषाई क्षमता एवं उनका विकास
- पठन (Reading) क्या है? पढ़ने की प्रक्रिया में अर्थ निकालने की प्रक्रिया की क्या भूमिका है? भाषा के माध्यम से अर्थ ग्रहण करना एवं अर्थ निर्माण की तकनीक। भाषा के चार प्रमुख कौशलों: सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना और उनके बीच का अंतःसंबंध। वाक्य रचना कौशल का विकास।
- इकाई 9: समावेशी भाषा कक्षा और बहुभाषिकता
- एक ऐसी कक्षा जहाँ विभिन्न भाषाएं बोलने वाले बच्चे पढ़ते हैं, वहाँ एक शिक्षक के रूप में बहुभाषिकता को एक संसाधन के रूप में कैसे उपयोग किया जाए।
- इकाई 10: मूल्यांकन
- भाषा के शिक्षण में मूल्यांकन की आवश्यकता क्यों है? भाषा मूल्यांकन की प्रकृति। बच्चों की भाषाई क्षमता का आकलन करने के लिए कौन-कौन से संभावित और रचनात्मक तरीके अपनाए जा सकते हैं? भाषा सीखने, लिखने और पढ़ने की प्रक्रियाओं में बच्चों द्वारा की जाने वाली गलतियों या त्रुटियों की सकारात्मक भूमिका।
2. अंग्रेजी भाषा (English Language) – कुल 10 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: अंग्रेजी भाषा के खंड को दो मुख्य भागों में बांटा गया है – कॉम्प्रिहेंशन (Comprehension) और अंग्रेजी भाषा शिक्षण शास्त्र (Pedagogy):
- A) Comprehension (गद्यांश और व्याकरण):
- Unseen Prose Passages: परीक्षा में दो अपठित गद्यांश दिए जाएंगे, जिन पर आधारित तार्किक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाएंगे।
- Comprehension (comprehension – 7 marks): गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देना।
- Grammar (grammar – 1.4 marks): संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण, काल, और वाक्य विन्यास से जुड़े बुनियादी व्याकरणिक प्रश्न।
- Vocabulary (vocabulary – 4 marks): एंटोनिम्स (Antonyms), सिनोनिम्स (Synonyms), वन-वर्ड सब्स्टिट्यूशन (One-word substitution) और स्पेलिंग चेक।
- B) Pedagogy of Language Development (अंग्रेजी भाषा शिक्षण शास्त्र):
- Language Acquisition: कक्षा कक्ष में भाषा अर्जन की प्रक्रिया।
- Principles of Language Teaching: भाषा शिक्षण के विभिन्न सिद्धांत और उपागम।
- Role of Listening and Speaking: बच्चों में पढ़ना और लिखना सीखने से पहले सुनने और बोलने की क्या भूमिका होती है?
- Phonics and Phonemic Awareness: ध्वन्यात्मकता और अक्षरों के उच्चारण की समझ।
- Function of Language: भाषा के कार्य और बच्चे इसे एक उपकरण के रूप में कैसे उपयोग करते हैं।
- Grammar’s Role: विचारों को मौखिक और लिखित रूप में संप्रेषित करने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका का आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य।
- Diverse Classroom Challenges: एक विविधतापूर्ण कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियाँ, भाषाई कठिनाइयाँ, सामान्य त्रुटियाँ और विकार (Disorders)।
- Language Skills: सुनना, बोलना, पढ़ना, और लिखना (LSRW) कौशल का समेकित विकास।
- Evaluation: भाषाई समझ और दक्षता का मूल्यांकन।
- Teaching Learning Materials (TLM): कम लागत या शून्य लागत वाली शिक्षण सहायक सामग्रियों (Low-cost TLM) का निर्माण और उनका कक्षा में प्रभावी उपयोग।
- Textbook Objectives: पाठ्यपुस्तकों के विषय-वस्तु के विषय (Themes) और उनके सीखने के उद्देश्य।
- Holistic Play-Based Pedagogy: खेल-खेल में सीखने की समग्र शिक्षाशास्त्र पर विशेष बल।
- Digital Content & Multimedia: कक्षा में डिजिटल सामग्री का सुरक्षित और उचित उपयोग, मल्टीमीडिया संसाधन और कक्षा का बहुभाषी संसाधन के रूप में उपयोग।
- Remedial Teaching: उपचारात्मक शिक्षण के सिद्धांत, व्यक्तिगत भिन्नताएं और शिक्षार्थियों की विशेष आवश्यकताएं।
3. गणित (Mathematics) – कुल 15 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: गणित का पाठ्यक्रम सैद्धांतिक समझ और व्यावहारिक गणना दोनों पर समान रूप से केंद्रित है। इसे कुल 4 बड़ी इकाइयों में विभाजित किया गया है:
- इकाई 1: भूमिका
- इस इकाई में आपको प्राचीन भारतीय गणितज्ञों का योगदान एवं उनके कार्यों का विशेष रूप से अध्ययन करना होगा। इसमें आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, भास्कराचार्य, और श्रीनिवास रामानुजन जैसे महान गणितज्ञों के खोज और सिद्धांतों के बारे में पूछा जाता है।
- इकाई 2: गणित की प्रकृति
- गणित का स्वरूप कैसा होता है? गणितीय सोच का विकास कैसे होता है? अमूर्तिकरण (Abstraction), विशिष्टीकरण (Specialization) और व्यापीकरण (Generalization) की अवधारणाएँ क्या हैं? गणित का स्कूल के अन्य विषयों के साथ क्या संबंध है?
- इकाई 3: गणित सीखना एवं आकलन
- प्राचीन भारतीय गणितीय पद्धतियों द्वारा गणित को सरल तरीके से सीखना। कक्षा में रचनावाद (Constructivism) का सिद्धांत। गणित में आकलन की अवधारणा, रचनात्मक आकलन और अवधारणात्मक एवं प्रक्रियात्मक ज्ञान का परीक्षण।
- इकाई 4: अंकगणितीय एवं ज्यामितीय अवधारणाएं
- 4.1 दशमलव प्रणाली: स्थानीय मान और दशमलव संख्याओं के जोड़, घटाव, गुणा, भाग की संक्रियाएं।
- 4.2 संख्याएं: पूर्ण संख्याएं, सम-विषम संख्याएं, अभाज्य और भाज्य संख्याएं। इसके अलावा दो अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणाएं जो विशेष रूप से पूछी जाती हैं:
- त्रिभुजाकार संख्या (Triangular Number): जैसे 1, 3, 6, 10, 15 आदि, जिन्हें बिंदुओं के माध्यम से त्रिभुज के आकार में व्यवस्थित किया जा सकता है।
- कापरेकर संख्या (Kaprekar Number): ऐसी संख्या जिसके वर्ग को दो भागों में बांटकर जोड़ने पर पुनः वही संख्या प्राप्त हो जाए (जैसे 45 का वर्ग 2025 होता है, और 20 + 25 = 45 होता है)।
- 4.3 भिन्न (Fractions): भिन्नों की परस्पर तुलना करना, इसके नियम और कठिन दशमलव भिन्न को साधारण भिन्न में बदलने की विधि।
- 4.4 व्यंजकों का सरलीकरण: इसके अंतर्गत BODMAS के नियम का प्रयोग करके समीकरणों को हल करना।
- 4.5 वर्गमूल: वर्गमूल निकालने की विभिन्न विधियाँ जैसे गुणनखंड विधि और भाग विधि।
- 4.6 महत्तम समापवर्तक (HCF) और लघुत्तम समापवर्त्य (LCM): एलसीएम और एचसीएफ ज्ञात करना तथा इनसे संबंधित दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने के सूत्र।
- 4.7 सांख्यिकी: माध्य (Mean), माध्यिका (Median) और बहुलक (Mode) पर आधारित सीधे और व्यावहारिक प्रश्न।
- 4.8 प्रतिशतता: प्रतिशत का अर्थ, साधारण ब्याज (Simple Interest), लाभ और हानि (Profit and Loss) पर आधारित बुनियादी प्रश्न।
- 4.9 अनुपात, समानुपात एवं ऐकिक नियम (Unitary Method): राशियों की तुलना और दैनिक जीवन की गणनाओं में ऐकिक नियम का उपयोग।
- 4.10 चाल, समय एवं दूरी: गति, समय और दूरी के बीच संबंध और रेलगाड़ी, नाव आदि से संबंधित व्यावहारिक प्रश्न।
- 4.11 क्षेत्रफल, परिमाप तथा आयतन: द्विविमीय आकृतियों (त्रिभुज, आयत, वर्ग) का क्षेत्रफल और परिमाप तथा त्रिविमीय आकृतियों (घन, घनाभ) का आयतन ज्ञात करना।
- 4.12 पैटर्न (Patterns): पैटर्न की पहचान करना, संख्याओं और आकृतियों के बीच के नियमों को समझना तथा समस्याओं के भीतर छिपी समानताओं की खोज करना।
- 4.13 ज्यामितीय आकृतियां: बुनियादी ज्यामितीय आकृतियों (रेखा, कोण, त्रिभुज, वृत्त, चतुर्भुज) की पहचान, उनकी समझ और उनकी रचना के नियम।
- 4.14 निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry): निर्देशांकों का उपयोग करके द्वि-विमीय तल पर किसी स्थिति को निर्दिष्ट करने की बुनियादी समझ।
4. पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) – कुल 10 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: पर्यावरण का पाठ्यक्रम बच्चों को उनके भौतिक और सामाजिक परिवेश से जोड़ने पर आधारित है। इसे कुल 9 इकाइयों में विभक्त किया गया है:
- इकाई 1: पर्यावरण की समझ
- पर्यावरण के विभिन्न घटक जैसे सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक घटक तथा उनके बीच होने वाली अंतःक्रियाएं। पर्यावरण के प्रमुख वैश्विक और स्थानीय सरोकार। बच्चों के लिए पर्यावरण को रोचक बनाने के तरीके।
- इकाई 2: पर्यावरण के बारे में बच्चों की समझ
- बच्चे पर्यावरण को किस दृष्टिकोण से देखते हैं? उनकी अनुभव-आधारित समझ क्या होती है? अपने आस-पास के परिवेश से संबंधित सूचनाओं का संग्रहण, विश्लेषण, अवलोकन करना और बच्चों में समस्या-समाधान की प्रवृत्ति का विकास।
- इकाई 3: पर्यावरण अध्ययन क्यों पढ़ाएं
- प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को पढ़ाने के मुख्य उद्देश्य, इसके पाठ्यक्रम के सरोकार, बच्चों में पर्यावरण की अवधारणा का बनना और सामाजिक अध्ययन के साथ इसका एकीकरण।
- इकाई 4: पर्यावरण अध्ययन का शिक्षण शास्त्र
- विज्ञान और सामाजिक अध्ययन का एकीकृत शिक्षण। बच्चों द्वारा बनाए गए चित्रों को पढ़ना और उनके विचारों को समझना। दिन-रात और ऋतुओं के परिवर्तन की खगोलीय घटनाओं को सरल भाषा में समझाना। समय को मापना, नक्शे (Maps) को पढ़ना, दिशाओं को समझना, बाल-केंद्रित शिक्षण के सिद्धांत और एकीकृत दृष्टिकोण का विकास।
- इकाई 5: पर्यावरण अध्ययन व कक्षा कक्ष गतिविधियां
- कक्षा के भीतर और बाहर की गतिविधियों का कुशल आयोजन और संगठन। वैज्ञानिक प्रयोग, स्थानीय स्तर पर प्रयोग सामग्रियों का संकलन करना, सर्वे (Survey), प्रोजेक्ट कार्य, क्षेत्र भ्रमण (Field Trips) का आयोजन, पुस्तकालय का उपयोग और निरंतर मूल्यांकन व आकलन।
- इकाई 6: परिवार संबंध
- एकल और संयुक्त परिवार के प्रकार। समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक घटनाएं और बुराइयां जैसे बाल विवाह, नशाखोरी (दुर्व्यसन) और उनके गंभीर सामाजिक व आर्थिक दुष्परिणाम। सामाजिक सहभागिता और नागरिक कर्तव्यों की समझ।
- इकाई 7: स्वास्थ्य एवं सुरक्षा
- व्यक्तिगत स्वच्छता के नियम। मानव शरीर के आंतरिक अंगों की सामान्य संरचनात्मक और कार्यात्मक जानकारी। संतुलित भोजन के घटक (विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट आदि)। सामान्य रोगों के प्रकार, उनके फैलने के कारण, बचाव के उपाय, समय पर टीकाकरण (Vaccination), दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार (First Aid) के नियम, सार्वजनिक स्वच्छता का महत्व और सामान्य सुरक्षा नियम एवं कानून व्यवस्था।
- इकाई 8: पारिस्थितिक तंत्र, पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन
- पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) की संरचना, जैविक और अजैविक घटक। खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और खाद्य जाल (Food Web)। प्रकृति में पदार्थों का चक्रण (जैसे जल चक्र, नाइट्रोजन चक्र, कार्बन चक्र)। सतत विकास (Sustainable Development) के बुनियादी विचार और पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत और सामूहिक भूमिका।
- इकाई 9: संस्कृति एवं परम्पराएं
- छत्तीसगढ़ की अनूठी संस्कृति और उसके स्थानीय त्योहार (जैसे हरेली, पोला, तीजा आदि)। छत्तीसगढ़ की लोक कलाएं, पारंपरिक रीति-रिवाज, पारंपरिक परिधान और सांस्कृतिक धरोहर की समझ।
5. बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (Child Development & Pedagogy) – कुल 15 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: यह विषय एक शिक्षक के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह बच्चों के मनोविज्ञान और उनकी सीखने की क्षमता को समझने का आधार है। इसे तीन मुख्य इकाइयों में विभाजित किया गया है:
- इकाई 1: बच्चे का विकास (बुनियादी अवधारणाएं)
- विकास की वैज्ञानिक अवधारणा और उसका बच्चों के सीखने (Learning) से क्या संबंध है? बच्चों के शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक विकास के प्रमुख सिद्धांत। विकास पर वंशानुक्रम (Heredity) और सामाजिक वातावरण (Environment) का क्या प्रभाव पड़ता है?
- बुद्धिमत्ता के सृजन का समालोचनात्मक परिप्रेक्ष्य और बहु-आयामी बुद्धि (Multi-dimensional Intelligence) के सिद्धांत। भाषा और विचार का विकास।
- सीखने वालों के मध्य वैयक्तिक विभिन्नताएं (Individual Differences) – भाषायी विभिन्नता, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि के आधार पर बच्चों को समझने में आने वाले अंतर।
- सीखने हेतु मूल्यांकन (Assessment for Learning) और सीखने का मूल्यांकन (Assessment of Learning) के मध्य का अंतर। शाला आधारित मूल्यांकन, सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE – Continuous and Comprehensive Evaluation) का परिप्रेक्ष्य और व्यावहारिक अभ्यास।
- इकाई 2: समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को समझना
- समाज के वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्ग सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए बच्चों को एक ही छत के नीचे समान रूप से शिक्षा देना।
- सीखने में कठिनाई महसूस करने वाले, शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग बच्चों के शिक्षण की विशेष रणनीतियां।
- अत्यंत सृजनात्मक (Creative) और विशिष्ट योग्यता वाले प्रतिभाशाली बच्चों के सीखने के मार्ग को और अधिक सुगम बनाना।
- इकाई 3: सीखना एवं शिक्षाशास्त्र (Learning and Pedagogy)
- बच्चों के सीखने और सिखाने के बुनियादी वैज्ञानिक तरीके। बच्चों के सीखने की अनूठी व्यूह रचनाएं (Strategies)। सामाजिक क्रियाकलाप (Social Activity) के रूप में सीखना और सीखने का सामाजिक परिप्रेक्ष्य।
- एक बालक को समस्या समाधान करने वाले (Problem Solver) और वैज्ञानिक अनुसंधानकर्ता (Scientific Investigator) के रूप में विकसित करना।
- संज्ञान (Cognition) एवं संवेग (Emotions) का अंतःसंबंध। अभिप्रेरणा (Motivation) और सीखने का गहरा संबंध। सीखने को प्रभावित करने वाले वैयक्तिक और पर्यावरणीय कारक।
6. सामान्य मानसिक योग्यता (General Mental Ability) – कुल 15 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: इस खंड का उद्देश्य अभ्यर्थी की तार्किक क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और मानसिक योग्यता का परीक्षण करना है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं:
- तार्किक क्षमता: तर्क करना, संबंधों को देखना, एनालॉजी (सादृश्यता), आकाशीय संबंध (Spatial Relationships) आदि।
- रीजनिंग पैटर्न्स: विषम आकृतियों और संख्याओं की पहचान करना (Odd One Out), आंकिक श्रेणी (Number Series) और अक्षर श्रेणी (Alphabet Series)।
- सांकेतिक भाषा (Coding-Decoding): अक्षरों, अंकों और चित्रों के माध्यम से कोडिंग और डिकोडिंग करना।
- अशाब्दिक रीजनिंग: छुपे हुए चित्रों को ढूंढना, वर्गों और अंकों का मिलान करना, गणितीय संक्रियाएं (Mathematical Operations), चित्रों का मिलान करना और घन (Cube & Dice) से संबंधित विभिन्न प्रकार के पैटर्न।
7. कम्प्यूटर शिक्षा (Computer Education) – कुल 05 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: कम्प्यूटर शिक्षा खंड बहुत ही स्कोरिंग है और इससे कुल 5 प्रश्न पूछे जाएंगे। पाठ्यक्रम में कम्प्यूटर के दैनिक उपयोग से लेकर सुरक्षा तक के पहलुओं को शामिल किया गया है:
- कम्प्यूटर का बुनियादी परिचय: कम्प्यूटर क्या है? दैनिक जीवन में कम्प्यूटर का महत्व और उपयोग (शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, कार्यालयीन कार्यों, और संचार के क्षेत्रों में)। कम्प्यूटर की विशेषताएं और इसकी सीमाएं।
- कम्प्यूटर के प्रमुख भाग: हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर की अवधारणा। सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU), एएलयू (ALU), सीयू (CU), और मेमोरी का परिचय। इनपुट डिवाइस (कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, टचपैड) और आउटपुट डिवाइस (मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर) की कार्यप्रणाली।
- प्रिंटर के प्रकार: इंकजेट प्रिंटर, लेज़रजेट प्रिंटर, डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, थर्मल प्रिंटर और अन्य आधुनिक प्रिंटर तकनीकें।
- ऑपरेटिंग सिस्टम (OS): ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका। व्यावसायिक ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows, macOS) और ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम (Linux, Ubuntu) की विशेषताएं। एमएस डॉस (MS-DOS) की बुनियादी जानकारी।
- माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस (MS Office): कार्यालयीन कार्यों के लिए एमएस वर्ड (डॉक्यूमेंट निर्माण, संपादन, फॉर्मेटिंग), एमएस एक्सेल (स्प्रेडशीट, टेबल, महत्वपूर्ण फार्मूले, डेटा चार्ट) और एमएस पॉवर पॉइंट (प्रेजेंटेशन स्लाइड्स का निर्माण, डिज़ाइनिंग और प्रस्तुतीकरण)।
- इंटरनेट का उपयोग: इंटरनेट का बुनियादी परिचय, ईमेल (Email) का सुरक्षित उपयोग – Inbox, Outbox, CC (Carbon Copy), BCC (Blind Carbon Copy) की समझ, ईमेल बनाना और भेजना। ऑनलाइन शैक्षिक दस्तावेजों की खोज, सुरक्षित वेबसाइट सर्फिंग और विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों की सामान्य जानकारी।
- एंटीवायरस एवं कम्प्यूटर सुरक्षा: कम्प्यूटर वायरस क्या है? वायरस के प्रमुख प्रकार, कम्प्यूटर को वायरस से होने वाले नुकसान, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का महत्व और विभिन्न सुरक्षात्मक उपाय।
- मल्टीमीडिया का उपयोग: मल्टीमीडिया की परिभाषा, ऑडियो, वीडियो, और टेक्स्ट का प्रभावी समन्वय और मल्टीमीडिया अनुप्रयोगों का शिक्षा में उपयोग।
- स्टोरेज डिवाइस: प्राथमिक और द्वितीयक स्टोरेज मीडिया – हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी (CD), डीवीडी (DVD) और क्लाउड स्टोरेज (Cloud Storage) की बुनियादी अवधारणा।
- सर्च इंजन: गूगल (Google), यूट्यूब (YouTube) जैसे सर्च इंजन क्या हैं? इंटरनेट पर अपनी इच्छित जानकारी को सुरक्षित और प्रभावी तकनीकों के माध्यम से कैसे खोजें।
8. सामान्य ज्ञान (General Knowledge) – कुल 15 अंक
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: सामान्य ज्ञान का पाठ्यक्रम बहुत व्यापक है, जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है:
- भारतीय राजनैतिक व्यवस्था और संविधान: भारतीय संविधान के मुख्य संवैधानिक प्रावधान, नागरिकों के मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य, भारतीय राजनैतिक प्रणाली, लोकतंत्र के स्तंभ, लोकपाल और चुनाव प्रणाली, लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की भूमिका। सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI Act 2005) की सामान्य जानकारी।
- भारतीय इतिहास एवं राष्ट्रीय आंदोलन: भारतीय प्राचीन सभ्यता और संस्कृति, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं। भारतीय स्वतंत्रता का इतिहास – वर्ष 1857 की क्रांति से लेकर 1947 तक का राष्ट्रीय आंदोलन और स्वतंत्रता के पश्चात भारत का विकास।
- भूगोल: सामान्य भूगोल के नियम, भारत का विस्तृत भौतिक व राजनीतिक भूगोल तथा विश्व के भूगोल की सामान्य जानकारी।
- भारतीय अर्थव्यवस्था: भारत का सामाजिक एवं आर्थिक विकास, देश का जनसांख्यिकीय परिप्रेक्ष्य (Demography), सकल राष्ट्रीय उत्पादन (GNP) और प्रति व्यक्ति आय। भारत की ऐतिहासिक पंचवर्षीय योजनाएं, कृषि और ग्रामीण विकास की नीतियां, भारत का औद्योगिक विकास, बैंक प्रणाली और वर्तमान राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम।
- सामान्य विज्ञान: भौतिकी (Physics), रसायनशास्त्र (Chemistry) और जीव व वनस्पति विज्ञान (Biology) से संबंधित दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली मूलभूत वैज्ञानिक जानकारियां।
- छत्तीसगढ़ की सामान्य जानकारी (CG GK): छत्तीसगढ़ का समृद्ध इतिहास, भौगोलिक संरचना, छत्तीसगढ़ की राजनैतिक और प्रशासनिक व्यवस्था, राज्य की अर्थव्यवस्था, वर्तमान शासकीय जनकल्याणकारी योजनाएं, राज्य स्तर पर मिलने वाले प्रमुख पुरस्कार और सम्मान, छत्तीसगढ़ की अनूठी परंपराएं, लोकगीत, लोकसंगीत, राज्य के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व्यक्तित्व और छत्तीसगढ़ से संबंधित अन्य समसामयिक विषय।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020): इसके अंतर्गत भाग I – स्कूल शिक्षा (School Education) से संबंधित महत्वपूर्ण नीतियों, 5+3+3+4 संरचना, मातृभाषा में शिक्षा और प्रारंभिक बाल्यकाल की देखभाल व शिक्षा (ECCE) के प्रावधानों का विस्तृत अध्ययन आवश्यक है।
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: तैयारी के लिए अचूक रणनीति (Preparation Tips)
- पाठ्यक्रम को दीवार पर चिपकाएं: तैयारी की शुरुआत करने से पहले इस विस्तृत सिलेबस का प्रिंटआउट निकालें और अपने स्टडी टेबल के सामने लगाएं। इससे आप कभी भी लीक से नहीं भटकेंगे।
- बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (CDP) पर विशेष ध्यान दें: इस विषय से 15 अंक के सीधे प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके साथ ही हिन्दी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण की पेडागोजी (शिक्षण शास्त्र) मिलाकर कुल 40 से 45 अंक केवल शिक्षाशास्त्र और मनोविज्ञान से संबंधित होंगे। इसलिए सिद्धांतों (जैसे पियाजे, वायगोत्स्की, कोहलबर्ग) को अच्छी तरह समझें।
- गणित के व्यावहारिक प्रश्नों का अभ्यास करें: गणित खंड के 15 अंकों में से लगभग 8-10 अंक शुद्ध गणनात्मक प्रश्नों (जैसे BODMAS, प्रतिशत, लाभ-हानि, त्रिभुजाकार संख्या, कापरेकर संख्या) के होंगे। रोज कम से कम 1 घंटा अभ्यास करें।
- छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान (CG GK) को मजबूत करें: सामान्य ज्ञान के 15 अंकों में छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल, संस्कृति और त्योहारों का बड़ा हिस्सा होगा। राज्य की वर्तमान कल्याणकारी योजनाओं को जरूर पढ़ें।
- समय प्रबंधन (Time Management): परीक्षा में 100 प्रश्नों को हल करने के लिए पर्याप्त समय मिलता है, लेकिन गणित और रीजनिंग के प्रश्न समय ले सकते हैं। मॉक टेस्ट देकर अपनी गति को सुधारें।
- एंटीवायरस, प्रिंटर और एमएस ऑफिस को रट लें: कंप्यूटर के 5 अंक बहुत ही आसान होते हैं। यदि आप प्रिंटर के प्रकार, एमएस ऑफिस के शॉर्टकट कीज और वायरस/एंटीवायरस को अच्छे से पढ़ लेते हैं, तो पूरे 5 अंक पक्के हो सकते हैं।
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: Download
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026: महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)
| महत्वपूर्ण दस्तावेज / लिंक | डायरेक्ट लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) | यहाँ क्लिक करें |
| ऑनलाइन आवेदन करें (Apply Online) | यहाँ अप्लाई करें |
| CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 PDF | यहाँ से डाउनलोड करें |
CG Sahayak Shikshak Exam 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के तहत कुल कितने पदों पर भर्ती निकाली गई है?
उत्तर: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के अंतर्गत कुल 2,292 रिक्त पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की गई है।
Q2. इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 है।
Q3. CG Sahayak Shikshak 2026 की संभावित परीक्षा तिथि क्या है?
उत्तर: विभाग द्वारा परीक्षा की संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 घोषित की गई है।
Q4. क्या छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों को परीक्षा शुल्क वापस (Refund) किया जाएगा?
उत्तर: हाँ, छत्तीसगढ़ के मूल निवासी जो परीक्षा में उपस्थित होंगे, उनका पूरा परीक्षा शुल्क उनके मूल बैंक खाते में परिणाम के बाद वापस कर दिया जाएगा।
Q5. इस परीक्षा का कुल पूर्णांक कितना होता है और प्रश्न किस प्रकार के होंगे?
उत्तर: परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी और इसमें सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रकार के होंगे।
Q6. क्या अन्य राज्यों के उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र हैं?
उत्तर: नहीं, इस भर्ती के नियमों के अनुसार अभ्यर्थी को छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी होना अनिवार्य है और उसके पास छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
Q7. इस परीक्षा में भाग लेने के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा क्या है?
उत्तर: 01 जनवरी 2026 को न्यूनतम आयु 21 वर्ष और सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए (आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार छूट मिलेगी)।
Q8. क्या सहायक शिक्षक पद के लिए TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, अभ्यर्थी के पास प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के लिए आयोजित CTET या CGTET परीक्षा उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।
Q9. क्या परीक्षा के पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भी शामिल किया गया है?
उत्तर: हाँ, सामान्य ज्ञान खंड के अंतर्गत “नई शिक्षा नीति 2020 (भाग I – स्कूल शिक्षा)” को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
Q10. परीक्षा के प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट पर कब उपलब्ध होंगे?
उत्तर: प्रवेश पत्र परीक्षा से लगभग 7 दिन पूर्व, यानी संभावित रूप से 5 अक्टूबर 2026 को वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
हमें पूरी उम्मीद है कि CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 पर लिखा गया यह अत्यंत विस्तृत और सरल भाषा वाला लेख आपकी तैयारी में मील का पत्थर साबित होगा। इस लेख को अपने उन सभी दोस्तों के साथ जरूर साझा करें जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यदि आपका इस सिलेबस या भर्ती से जुड़ा कोई भी सवाल है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें। हमारी विशेषज्ञ टीम जल्द से जल्द आपकी मदद करेगी। ऑल द बेस्ट!
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